मोहाली पुलिस और चंडीगढ़ पुलिस ने मोहाली और चंडीगढ़ की सीमाओं पर जबरदस्त सुरक्षा कर दी थी। हालांकि नाकाबंदी के दौरान कोई धरना स्थल से कोई आगे नहीं जा सका लेकिन कुछ प्रदर्शनकारी किसी तरह चंडीगढ़ की सीमा को लांघकर वहां पहुंच गए। चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की पर उन्होंने पुलिस पर टहनियां और पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। यूटी पुलिस ने उनको आंसू गैस के गोले फेंककर उन्हें रोका और कुछ को हिरासत में ले लिया।
मोहाली पुलिस ने मोहाली की सभी सीमाओं को सील कर दिया तो वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ और मोहाली की दूसरी सीमा पर चंडीगढ़ पुलिस ने सभी एंट्री प्वाइंट्स को सील कर दिया। इसके अलावा पुलिस ने वाईपीएस चौक की ओर जाने वाले चारों मुख्य मार्गों को भी बंद कर दिया।
मोहाली पुलिस ने विशेष रूप से कौमी इंसाफ मोर्चा स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड्स लगाने के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया था। इसके साथ ही एसएसपी ने वाईपीएस चौक पर खुद मोर्चा संभाल लिया और सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि वे किसी भी परिस्थिति में शांति बनाए रखें और किसी प्रकार की हिंसा या उत्पात को बढ़ावा न दें।
एसएसपी पारीक ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की अनुमति दी जाएगी लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोई अनुमति नहीं होगी।
पुलिस ने शहर के प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इसके साथ ही, पुलिस ने ट्रैफिक को भी वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट कर दिया था ताकि जनता को कोई परेशानी न हो। इसके बावजूद कई जगह जाम की स्थिति देखनी को मिली जिस कारण लोगों को आने-जाने में मुश्किल हुई।
